1.
आभार. निर्गुण प्रेम मार्गी सूफ़ी संत कवि एवं उनका काव्य, ज्ञान मार्गी संत काव्य धारा एवं निर्गुण प्रेम मार्गी सूफ़ी संत काव्य धारा में साम्य एवं वैषम्य. SOCRATES [Internet]. 30Jun.2014 [cited 15Oct.2018];2(2):9-9. Available from: https://www.socratesjournal.com/index.php/SOCRATES/article/view/21